Wednesday, 15 July 2020

कावड़ यात्रा के फायदे?

हर साल श्रावण मास में करोड़ो की तादाद में कांवडिये सुदूर स्थानों से आकर गंगा जल से भरी कांवड़ लेकर पदयात्रा करके अपने गांव वापस लौटते हैं इस यात्राको कांवड़ यात्रा बोला जाता है। श्रावण की चतुर्दशी के दिन उस गंगा जल से अपने निवास के आसपास शिव मंदिरों में शिव का अभिषेक किया जाता है। 
क्या आप जानते हैं कावड़ यात्रा का इतिहास, सबसे पहले कावड़िया कौन थे ?

कावड़ यात्रा. Celebrated on/during: July; Significance: कांवर यात्रा (कावड़ यात्रा) शिव के भक्तों की एक वार्षिक तीर्थ यात्रा है l 


कावड़ यात्रा शास्त्र विरूद्ध है और गीता अध्याय 16 श्लोक 23 व 24 में बताया है कि शास्त्र विरुद्ध साधना करने से कोई लाभ नहीं होता है । इससे स्पष्ट होता है कि कावड़ यात्रा का कोई फायदा नहीं है ।
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गीता अध्याय 16 श्लोक 23 में बताया है कि शास्त्र विरुद्ध साधना करने से कोई लाभ नहीं होता है ।शास्त्र अनुकूल साधना प्राप्त करने के लिए और इस जीवन में यह लोक और परलोक सुधारने के लिए आज ही सतगुरु रामपाल जी महाराज जी से  निशुल्क नाम दीक्षा लेकर अपना जीवन सफल बनाएं ।

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